जिंदगी में सिर्फ सफल नहीं सुफल भी होना जरूरी

अभी खास शिक्षा/विज्ञान प्रौद्योगिकी

19वां दीक्षांत समारोह
डा.एपीजेएके टेक्निकल विवि के वीसी डा.विनय कुमार पाठक ने दिया विद्यार्थियों को गुरुमंत्र
एसआरएमएस ट्रस्ट के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के दीक्षांत में विद्यार्थियों को दी डिग्रियां
यूएन ग्लोबल कांपैक्ट नेटवर्क इंडिया के ईडी और एलएंडटी के वरिष्ठ वाइस प्रेसीडेंट भी पहुंचे
आनलाइन के चलते अगले दस वर्षों में शिक्षक भी डायनासोर की तरह विलुप्त हो जाएंगे
नुक्कड़ संवाददाता, बरेलीः डा.एपीजेएके टेक्निकल विवि के कुलपति डा.विनय कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को सफलता के गुर बताए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद ही असली जिंदगी शुरू होती है। असल संघर्ष यहीं पर होता है। यहां किसी एक समस्या का एक ही उत्तर नहीं होता। जैसा पढ़ाई के दौरान किताबों में बताया जाता है। कई-कई जवाब ढूंढ़ने पड़ते हैं। इसी में रह कर सफल होना होता है। हां सिर्फ सफल होना जिंदगी के लिए काफी नहीं। सुफल होना भी उतना ही जरूरी है। हालांकि ज्यादातर लोगों को सुफल होने के मायने भी नहीं पता। पता भी है तो इसके लिए आवश्यक तत्व नैतिक मूल्य नहीं हैं।
एसआरएमएस ट्रस्ट के इंजीनियरिंग कालेजों का 19वां दीक्षांत समारोह शनिवार को भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस कालेज आफ इंजीनियरिंग एंट टेक्नालाजी में हुआ। इसकी अध्यक्षता डा.एपीजेएके टेक्निकल विवि के कुलपति डा.विनय कुमार पाठक ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और पढ़ाई के साथ ही खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए। उन्होंने कंवोकेशन और दीक्षांत को एक शब्द होने से इन्कार किया। कंवोकेशन पढ़ाई का समापन है जबकि दीक्षांत शिक्षा के साथ मूल्यों को शामिल कर जिंदगी के लिए दी जाने वाली सलाह। जो गुरु अपने विद्यार्थियों को देता है। डा.पाठक ने मौजूदा समय को डिसरप्शन का दौर बताया। कहा, पुरानी चीजें तेजी से बदल रही हैं। टेक्नालाजी में पूरी तरह बदलाव आ रहा है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग, हेल्थ टेक्नालाजी, म्यूजिक इंडस्ट्री पूरी तरह बदल चुकी है। यहां पुरानी चीजें गायब हो गई हैं। अगले दस वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव दिखने लगेगा। आनलाइन एजूकेशन के जरिए इसकी शुरूआत हो चुकी है। गूगल नए गुरू के रूप में सामने आ चुका है। अगर समय रहते खुद को न बदला गया तो आने वाले वर्षों में डायनासोर की तरह शिक्षक भी विलुप्त हो जाएंगे। उन्होंने इंडस्ट्री में बदलाव के लिए पहिया, बिजली, रेडियोवेब्स और आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस को बड़ा आविष्कार बताया। कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी इसे स्वीकार कर खुद में बदलाव करें। तभी आगे बढ़ना संभव है। डा.पाठक ने बैटरी टेक्नालाजी और आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस टेक्नालाजी पर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। विद्यार्थियों को दीक्षा दी और अंत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता आओ फिर से दिया जलाएं सुनाकर प्रेरित किया।

समाजसेवा में योगदान दे रहा है एसआरएमएस ट्रस्टः देवमूर्ति
दीक्षांत समारोह में एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने विद्यार्थियों को आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। राममूर्ति की 110वीं जयंती पर शनिवार को उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दी गई सलाहों पर अमल करते रहने को कहा। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके यहां सबसे ज्यादा 19 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज पर एमजान ने एक विद्यार्थी को अपने यहां जाब दिया है। विद्यार्थी अपनी खूबियों को विस्तार दें तो इससे ज्यादा पैकेज भी हासिल कर सकते हैं। देवमूर्ति ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी और प्रदेश कैबिनेट द्वारा एसआरएमएस के विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को स्वीकार होने का भी जिक्र किया। विश्वविद्यालय बनने के बाद रोजगार परक और भी कोर्स शुरू होने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने एकल परिवारों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए चलित शवदाह गृह बनाए जाने की भी बात कही। साथ ही कैलाशपुर गांव को गोद लेकर वहां के विकास के कामों की भी जानकारी दी। कालेज के डीन एकेडेमिक्स डा.प्रभाकर गुप्ता ने कालेज की उपलब्धियों की जानकारी दी।

कंफर्ट जोन खतरनाक है, इससे निकलेः कमल सिंह
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि यूएन ग्लोबल कांपैक्ट नेटवर्क इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कमल सिंह ने विद्यार्थियों को आगामी भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विश्व और समाज को स्वस्थ, खुशहाल बनाने और बुराइयों को खत्म करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कंफर्ट जोन को सबसे खतरनाक बताया और इससे निकलने का आह्वान किया। जीवन को संतुलित बनाने के लिए परपज ढूंढ़ने का आह्वान किया। इसके लिए बड़े सपने देखने और शिक्षा का सदुपयोग करने की बात कही। कमल सिंह ने भी सोशल डिसरप्शन की बात कही। कहा कि क्लाइमेट बदल रहा है। प्रकृति बदल रही है। बाजार बदल रहा है। इसे अपने अनुकूल बनाने के लिए चैंलेंज स्वीकार करना और असफलताओं से न डरने की भी बात कही। उन्होंने असफलताओं में भी हिम्मत देने के लिए विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों पर अमल करते रहने का भी संदेश दिया। असफलता को भी स्वीकार करें।

पढ़ना, सीखना और सुनना कभी बंद न करेः योगी
समारोह के विशिष्ठ अतिथि एलएंडटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (एचआर) योगी श्रीराम ने विद्यार्थियों को कारपोरेट जगत की वास्तविकताओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि कारपोरेट जगत बहुत कटु है। यहां भावनाओं से काम नहीं लिया जाता। यहां काम करने और सफलता हासिल करने के लिए श्रीराम ने विद्यार्थियों को टिप्स दिये। कहा कि इसके लिए कालेज से निकलने के बाद भी लगातार पढ़ना, सीखना, सुनना जारी रखना पड़ेगा। इसे कभी बंद न करें। इसके साथ ही विश्वास करने वाले दोस्त जरूर बनाएं। उनके कड़वे परामर्श जरूर लेते रहें। श्रीराम ने विद्यार्थियों को आभासी आभामंडल, आडंबर से दूर रहने की सलाह भी दी। कहा, सच्चाई में रहें। अनुभव पर विश्वास करें। फैसले लेने से पहले अंतररात्मा को सुनें। तथ्यों का अवश्य ध्यान रखें। उन्होंने दुनिया को बहुत कांप्लेक्स बताया। कहा कि यह बदलाव स्वीकार करने में वक्त लेती है। ऐसे में हताश न हों। हां खुद से ओवर प्रामिस न करें। काम को लेकर कभी शर्मिंदा न हों। आगे बढ़ें और लीडर बनें।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल संग धनराशि
दीक्षांत समारोह में एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति और अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। इसी के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल प्रदान किया और धनराशि देकर भी प्रोत्साहित किया। बीटेक में सर्वाधिक अंक लाने वाली गौरी अग्रवाल को श्री राममूर्ति गोल्ड मेडल दिया गया। साथ ही 51 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी दिया गया। बीटेक में दूसरे स्थान पर रहने वाली गरिमा अग्रवाल को श्री राममूर्ति सिल्वर मेडल दिया गया। जबकि बीटेक में तीसरा स्थान हासिल करने वाली राना को श्री राममूर्ति ब्रांच मेडल दिया गया। बीटेक में आल राउंडर श्रष्टि उपाध्याय को प्रेम प्रकाश गुप्ता चैरिटेबल फाउंडेशन गोल्ड मेडल दिया गया। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में अपने बैच में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाली गौरी अग्रवाल को इंजीनियर सुभाष मेहरा गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया। जबकि इलेक्ट्रानिक्स और कम्यूनिकेशन में अपने बैच में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाली रिमझिम गुप्ता को डा.उषा मेहरा गोल्ड मेडल दिया गया। इसके साथ रिमझिम को 21 हजार रुपये की धनराशि भी नकद दी गई। इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स में ब्रांच टापर निप्रा द्विवेदी को इंजीनियर पीएन गुप्ता गोल्ड मेडल दिया गया। निप्रा को भी 21 हजार रुपये की धनराशि दी गई। इनफार्मेशन एंड टेक्नालाजी ब्रांच में टापर चांदनी खान को लक्ष्मी भूषण गोल्ड मेडल और 21 हजार रुपये की धनराशि दी गई। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ब्रांच टापर नमन उपाध्याय को डा.आशा गुप्ता गोल्ड मेडल और 21 हजार रुपये की धनराशि दी गई। खेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्राशी चौहान को ट्राफी के साथ विशेष पुरस्कार दिया गया। बीफार्मा में सर्वाधिक अंक हासिल करने पर चेष्ठा कपूर को श्री राममूर्ति गोल्ड मेडल दिया गया। इसी तरह हर ब्रांच में टाप करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार दिए गए।

दीक्षांत समारोह में यह रहे मौजूद
समारोह में एसआरएमएस ट्रस्ट के एडमिनिस्ट्रेटर इंजीनियर सुभाष मेहरा, ट्रस्ट की सदस्य आशा मूर्ति और ऋचा मूर्ति, डा.निर्मल यादव, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.एसबी गुप्ता, डा.निर्मल यादव, डा.आरपी सिंह, डा.एचओ अग्रवाल, डा.रजनीश मधोक, इंजीनियर प्रभाकर गुप्ता, डा.ललित सिंह, डा.मिलिंद झा, प्रोफेसर श्यामल गुप्ता, इंजीनियर डीपी अग्रवाल, इंजीनियर दीपेश तिवारी, अभय भदौरिया, अजीत सक्सेना, विनीत शर्मा, सुरेश सुंदरानी, रजनी अग्रवाल, डा.अंकिता टंडन सहित सभी विभागों के डीन व अध्यक्ष मौजूद रहे।

यह दी गई दीक्षा
सत्य बोलो
धर्म का आचरण करो
स्वाध्याय से प्रमाद मद करो
माता को देवता मानों
पिता को देवता मानों
आचार्य को देवता मानों
अतिथि को देवता मानों
जो हमारे अच्छे आचरण हैं वे ही तुम्हारे द्वारा ग्रहणीय हैं अन्य नहीं
यही आदेश है, यही उपदेश है, यही अनुशासन है
तुम्हारा पथ मंगलमय हो

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की कविता
आओ फिर से दिया जलाएं
भरी दुपहरी में अंधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।…
आओ फिर से दिया जलाएं
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल
वतर्मान के मोहजाल में-
आने वाला कल न भुलाएं।
आओ फिर से दिया जलाएं।…
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने-
नव दधीचि हड्डियां गलाएं।
आओ फिर से दिया जलाएं।…

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर प्राशी चौहान को ट्राफी और विशेष पुरस्कार दिया डा.एपीजेएके टेक्निकल विवि के वीसी डा.विनय कुमार पाठक और एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने।

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते यूएन ग्लोबल कांपैक्ट नेटवर्क इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर कमल सिंह।

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में संबोधित करते एलएंडटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट योगी श्रीराम।

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में अध्यक्षता कर रहे डा.एपीजेएके टेक्निकल विवि के वीसी डा.विनय कुमार पाठक को ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने प्रदान किया स्मृति चिन्ह।

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में दीक्षा ग्रहण करते विद्यार्थी।

एसआरएमएस में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में अतिथियों के साथ सम्मानित हुए विद्यार्थी।

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