छोड़ आया वे पुराने मित्र, तुम निश्चिंत रहना…

स्मृति शेषः आखिरकार चंदन वन में खो गये कवि किशन सरोज लंबी बीमारी के बाद बरेली में प्रेमगीतों के कवि का महा प्रयाण 82वें जन्मदिन से 11 दिन पहले चहेतों को कहा- अलविदा अमित अवस्थी। कर दिए लो आज गंगा में प्रवाहित सब तुम्हारे पत्र, सारे चित्र, तुम निश्चिन्त रहना दूर हूँ तुमसे न अब […]

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